feminist poems
एक स्त्री के मन से निकले कुछ शब्द, कुछ प्रश्न और तमाम अटपटी-अनकही-अनसुलझी बातें...
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बुधवार, 26 अगस्त 2026
मार्च की बारिश
झरते हुए पत्ते दरअस्ल
रोते हुए पेड़ों के आँसू हैं
बदलते हुए मौसमों की बेरुखी पर
रो पड़े हैं सारे पेड़।
(रात की बारिश से उपजे कुछ शब्द
या यूँ कहें कि दिल की गीली मिट्टी में
उग आये कुछ शब्द )
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