बुधवार, 26 अगस्त 2026

प्यार, मोह और असमंजस


मैं प्यार करती हूँ तुमसे
जब छोड़कर जाना चाहोगे, जाने दूँगी, 
पर प्यार करती रहूँगी
किसी और को चाहूँगी, तब भी चाहूँगी तुम्हें,
तुम्हारे बगैर भी जिऊंगी, तुम्हें याद करते हुए। 

पर तुम्हें...मुझसे मोह है,
इसलिए तुम मुझे कभी छोड़ न पाओगे,
तुम जुड़े रहोगे मेरे साथ यूँ ही 
जब हमारे बीच प्यार नहीं रह जाएगा तब भी,
और मैं न रहूँ..., तो जाने क्या होगा?

कभी सोचती हूँ मेरा प्यार बेहतर है 
कभी मन कहता है तुम्हारा मोह भला।

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