सोमवार, 5 अक्तूबर 2009

अधूरापन

कभी भावनाओं को
शब्द नहीं मिलते हैं
कभी शब्दों में
भाव नहीं
आ पाता है,
कभी खुशी में
दिल उदास होता है
कभी-कभी ग़म में भी
आराम आ जाता है
क्या हुआ?
हर बात अधूरी-सी
क्यों लगती है
ज़िन्दगी इतनी
उजड़ी उजड़ी-सी
क्यों लगती है?

2 टिप्‍पणियां:

  1. koi tha tera apna jise,
    shayad tune hai kho diya,
    hamsafar ne choda sath aur,
    safar dard bhara kar diya...

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  2. ज़िन्दगी ऐसे ही ऊबड-खाबड़ तरीके से आगे बढ़ती है - इसीका नाम जीवन है

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