रविवार, 4 अक्तूबर 2009

राहत

जो हुआ अच्छा हुआ
कुछ राज़ सामने आ गए
अच्छे-भले लोग भी
अपना चेहरा
दिखा गए
भ्रम में जीने से
फुर्सत मिली
सच जानकर राहत मिली

3 टिप्पणियाँ:

M VERMA ने कहा…

सच जानकर राहत मिली...
वाकई सच जानना राहतभरा होता है
सुन्दर रचना

Mithilesh dubey ने कहा…

जितनी बढ़िया रचना उतनी ही खूबसूरत अभिव्यक्ति।

शरद कोकास ने कहा…

भ्रम मे जीना कुछ दिन ही अच्छा लगता है