शुक्रवार, 25 सितम्बर 2009

तेरा प्यार

तेरा प्यार बहुत कुछ था
मेरे लिये
पर सब कुछ नहीं,
और भी बहुत कुछ है
दर्द है, तन्हाई है,
सूनापन है
और अन्धेरा भी,
बेशक चले जाओ तुम
पर तुम्हारी याद है
इतना सब कुछ है
दुनिया में
मेरे लिये

7 टिप्पणियाँ:

SUNIL DOGRA जालि‍म ने कहा…

शुभान अल्ल्लाह!

शिवराज गूजर. ने कहा…

bahut hi badiya. pyar ke dard ko shabdon ki mala main bahut hi umda tareeke se piroya hai. badhai.

M VERMA ने कहा…

कहा जाता है यादे नेमत होती है.
नेमते सम्भाल कर रखी जाती है.
बहुत सुन्दर रचना

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

बेशक चले जाओ तुम
पर तुम्हारी याद है
इतना सब कुछ है
दुनिया में
मेरे लिये
bahot khoob.

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन...

उम्दा भाव!!

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत ही उम्दा व दिल से लिखी गयी लाजवाब रचना। बहुत-बहुत बधाई

ambuj ने कहा…

chale to jaate bahut pahle,
beshak ham teri duniya se,
par daaman bheega hai tera,
aur hain mere nain bheege se...